इलेक्ट्रिक वाहन की परिभाषा / इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी / इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की दर क्या है?
By Yogesh Verma (CS/LLB) / 2 min read / GST Article
इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों के मुकाबले अधिक लोकप्रिय हो रहे
हैं क्योंकि वे पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। हालांकि, इन
पर लगने वाले जीएसटी और कर से
संबंधित नियमों को लेकर आमतौर पर भ्रम बना रहता है।
भारत सरकार ने सर्कुलर नंबर 179/11/2022-GST के
माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि
बैटरी के साथ या
बिना बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर कितना जीएसटी लागू होगा। इस लेख में
हम इस विषय को
आसान भाषा में समझाएंगे।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी: एक संक्षिप्त अवलोकन
जीएसटी परिषद की 47वीं
बैठक 28-29 जून, 2022 को
आयोजित हुई थी, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के
वर्गीकरण और कराधान पर
चर्चा हुई। इसके बाद,
सरकार ने 3 अगस्त, 2022 को
सर्कुलर नंबर 179/11/2022-GST जारी किया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि
बैटरी लगी हो या
न लगी हो, सभी
इलेक्ट्रिक वाहनों पर
एक समान जीएसटी दर
लागू होगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की दर क्या है?
इस
अधिसूचना के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की दर 5% (2.5% सीजीएसटी + 2.5% एसजीएसटी) निर्धारित की
गई है। यह दर
दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर
लागू होगी, चाहे वाहन के साथ बैटरी हो या न
हो।
इलेक्ट्रिक वाहन की परिभाषा
इलेक्ट्रिक वाहन को ऐसा वाहन माना जाता है जो पूरी तरह से बिजली से चलता है और इसकी ऊर्जा का स्रोत निम्न में से कोई
भी हो सकता है:
1.
बाहरी स्रोत,
2.
एक या अधिक बैटरियां।
इस
परिभाषा में ई-साइकिल भी शामिल हैं।
जीएसटी लागू होने से जुड़े प्रमुख स्पष्टीकरण
1. बिना बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि
किसी इलेक्ट्रिक वाहन के
साथ बैटरी नहीं दी
गई है, तो भी
वह इलेक्ट्रिक वाहन ही
माना जाएगा और उस
पर 5% जीएसटी ही
लगेगा।
2. अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण और एचएसएन कोड
यह
अधिसूचना विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO) द्वारा जारी एचएसएन व्याख्यात्मक नोट्स पर आधारित है,
जिसमें कहा गया है
कि यदि किसी वाहन में कोई विशेष पुर्जा नहीं है,
तो भी उसका मूल
स्वरूप नहीं बदलता।
इसलिए, एचएसएन कोड 8703 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन, चाहे उनके साथ बैटरी हो
या न हो, 5% जीएसटी के तहत आएंगे।
3. चार्जिंग स्टेशन और चेसिस की श्रेणीकरण
·
मोटर चेसिस विद कैब: यदि किसी चेसिस के साथ कैबिन बॉडी लगी है,
तो वह एचएसएन कोड 87.02 से 87.04 के
अंतर्गत आएगा, न कि
एचएसएन 87.06 के
अंतर्गत।
·
चार्जिंग स्टेशन: इलेक्ट्रिक वाहनों के
लिए चार्जिंग स्टेशन या
चार्जर पर 5% जीएसटी लगेगा।
इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग पर जीएसटी के प्रभाव
जीएसटी की यह स्पष्टता विभिन्न हितधारकों जैसे निर्माता, आपूर्तिकर्ता और
उपभोक्ताओं के लिए
महत्वपूर्ण है।
1. इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता
पेट्रोल और डीजल वाहनों पर 28% जीएसटी की तुलना में,
इलेक्ट्रिक वाहनों पर
5% जीएसटी निर्धारित करने से
उनकी कीमत कम हो
गई है, जिससे लोग
इन्हें अधिक खरीदने के
लिए प्रेरित होंगे।
2. बैटरी स्वैपिंग मॉडल को बढ़ावा
कई
व्यवसाय बैटरी स्वैपिंग मॉडल को अपनाने की
योजना बना रहे हैं। इस नए नियम के अनुसार, बिना बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी 5% जीएसटी लगेगा, जिससे यह मॉडल और अधिक लोकप्रिय हो सकता है।
3. कर विवादों में कमी
पहले यह स्पष्ट नहीं था कि बिना बैटरी वाले ईवी
पर कितना जीएसटी लागू होगा, जिससे कर
विवाद उत्पन्न होते थे।
अब यह समस्या हल
हो गई है।
विभिन्न प्रकार के वाहनों पर जीएसटी दर की तुलना
वाहन का प्रकार
|
जीएसटी दर
|
पेट्रोल/डीजल वाहन
|
28%
|
हाइब्रिड वाहन
|
18%
|
इलेक्ट्रिक वाहन (बैटरी के साथ या बिना)
|
5%
|
चार्जिंग स्टेशन
|
5%
|
निष्कर्ष
सरकार द्वारा जारी सर्कुलर नंबर 179/11/2022-GST ने
इलेक्ट्रिक वाहनों पर
लागू जीएसटी को स्पष्ट कर दिया है,
जिससे वाहन उद्योग को
राहत मिली है। अब,
चाहे वाहन के साथ बैटरी हो या न हो, 5% जीएसटी ही लगेगा। इस निर्णय से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी में
तेजी आएगी और भारत में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहन अधिक सुलभ और
सस्ते बनेंगे, जिससे देश
में हरित ऊर्जा समाधान को भी बढ़ावा मिलेगा।
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